एक बार हसरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह ताला से पूछा या अल्लाह तबारक व ताला मेरी उम्मत का सबसे बदतरीन शख्स कौन है?
एक बार हसरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह ताला से पूछा या अल्लाह तबारक व ताला मेरी उम्मत का सबसे बदतरीन शख्स कौन है? तो अल्लाह ताला ने जवाब दिया कल सुबह जो शख्स पहले मिलेगा वही तुम्हारी उम्मत का सबसे बदतरीन शख्स है। कल सुबह जब मूसा अलैहिस्सलाम घर से निकले उन्होंने एक शख्स को देखा कि अपने बेटे को कंधे पर बैठे हुए जा रहा हैं। तो मूसा अलैहिस सलाम नें अपने दिल मे सोचा यही शख्स मेरी उम्मत का सबसे बदतरीन इनसान है। फिर मूसा अलैहिस सलाम ने अल्लाह ताला से मुखातिब हुआ, और कहा या अल्लाह तू मेरी उम्मत के सबसे अच्छा इंसान को भी दिखा दे। तो अल्लाह ताला ने फरमाया कि शाम को जो शख्स आपको सबसे पहले मिले वही आप की उम्मत का सबसे अच्छा इंसान है। हजरत मूसा अलैहिस्सलाम शाम को इंतजार करने लगे कि उसकी नजर उसी सुबह वाले बदतरीन शख्स पर पड़ी। हजरत मूसा अलैहिस्सलाम ने दिल में सोचा यह तो वही शख्स है जो सुबह को मिला था। फिर हजरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह ताला से कलाम किया, या अल्लाह यह कैसा माजरा है कि जो शख्स बदतरीन है। वही शख्स बेहतरीन कैसे हो गया। अल्लाह ताला ने फरमाया कि जब यह इनसान सुबह अपने बेटे ...