बेवफ़ा औरत की क्या है पहचान …. हज़रत अली ने फ़रमाया
अस्सलामु आलेकुम प्यारे भाइयों। आज हम आपको मौला हज़रत अली की जिंदगी में गुजरे कुछ वाक्यात का जिक्र करेंगे। मेरे प्यारे भाइयो जैसा की आपको भी पता है हज़रत अली को शेरे ऐ खुदा भी कहा जाता है। आप शेरे ऐ खुदा हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैहि वस्सलम के चाचा के बेटे थे। हज़रत अली बचपन ही से हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैहि वस्सलम के साथ रहते थे।
हज़रत अली के इस्लाम अपनाने के बाद हुए कुछ वाक़्ये के बारे में हम यहाँ आपके सामने रखना चाहते है। हज़रत अली का एक वाक़्या बेवफा औरत की पहचान के हवाले से है। एक बार एक शख़्स हज़रत अली के पास आया। उस शख्स ने हज़रत अली से पूछा की वह किसी औरत को पसंद करता है। और वह चाहता है की वो उससे शादी करे। उस शख्स ने कहा की मेरे मन में एक सवाल है। सवाल यह है कि क्या मेरे लिए वह औरत वफादार बीवी साबित होगी।
वह औरत आने वाले समय में आपके साथ भी ऐसा कर सकती है। यह सब सुनकर वह शख्स हज़रत अली से बोला कि मुझे ऐसी दुआ बता दीजिए जिसे पढ़कर इंसान वाज़े हो जाए। हज़रत अली ने उस शख्स को कहा कि जमीन का सबसे बुरा अमल झूठ है। तुम्हारे सभी गुनाहों की जड़ यही झूठ है। याद रखना औरत में झूठ हो , फरेब हो वह किसी की भी नहीं हो सकती है। यह एक बेवफा औरत है।
हज़रत अली ने उस शख्स के सवाल के जवाब में फ़रमाया कि जो औरत अपने माँ , बाप का कहना नहीं मानती या उनकी तोहिन करती है , अपने उस्ताद की बेअहतरमी करती है। और वह औरत अपने घर वालो की भी शिकायत करती है तो एक औरत अच्छी बीवी साबित नहीं हो सकती है। बता दे , ऐसा इसलिए कहा कि जो औरत अपने घर की , अपने माँ बाप और उस्ताद की बात नहीं मानती हो , उनसे झूठ बोलती हो।
प्यारे भाइयों आज हमारे समाज में बुराइयाँ , झूठ , चुगल खोरी आम हो चुकी है। दिन ब दिन हमारे समाज का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। प्यारे इस्लामी भाइयों हमें इन सबसे बचना चाहिए। जैसा कि हज़रत अली ने फ़रमाया है कि सभी बुराइयों की जड़ यही झूठ है। आज हमारे समाज में मौजूद लोगों ने झूठ बोलना आम कर दिया है। हर बात में झूठ बोलते है।

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