#Story एक अक्लमंद बादशाह

• एक अक्लमंद बादशाह •

किसी मुल्क में एक कानून था कि वो एक साल बाद अपना बादशाह बदल देते थे, उस दिन शहर में जो भी दाखिल होता उसे बादशाह बना देते थे और पहले वाले बादशाह को एक बहुत ख़तरनाक और मिलो फैले जंगल में छोड़ा आते थे । जंगल में अगर वो बादशाह दरिंदा से अपने आप को बचा लेता तो भूख और प्यास से मर जाता, न जाने कितने बादशाह एक साल की बादशाही के बाद जंगल में जाकर मर गए..!!

एक दफा शहर में दाखिल होने वाला नौजवान किसी दूर दराज इलाका का लग रहा था सब लोगों ने आगे बढ़कर उसे मुबारकबाद दि और बताया की आपको इस मुल्क का बादशाह चुन लिया गया है और उसे महल में ले गये ।

वो हैरान भी हुआ और बहुत खुश भी!  तख़्त पर बैठेते ही उसने पूछा कि मुझसे पहले के बादशाह कहां गये  ? तो दरबारियों ने उसे मुल्क का कानून बताया की हर बादशाह को साल बाद जंगल में छोड़ दिया जाता है !!  और नया बादशाह चुन लिया जाता है, ये सूनते ही वो थोडा परेशान हुआ लेकिन फिर अपनी अक्ल का इस्तेमाल करते हुए कहा!!  मुझे उस जगह लेकर जाओ जहां तुम बादशाहों को छोड कर आते हो  !! दरबारियों  ने सिपाहियों को साथ लिया और बादशाह को वो जंगल दिखाने ले गए, बादशाह ने अच्छी तरह वो जंगल का जायजा  लिया और वापस आ गया ।

अगले दिन सब से पहले उसने ये हुक्म दिया की मेरे महल से जंगल तक एक सड़क तामीर की जाए और जंगल के बीचोंबीच एक खूबसूरत महल तामीर किया जाए जहां पर हर किस्म की सहूलियत मौजूद हो और महल के आजु बाजू खूबसूरत बाग लगाए जाए।

बादशाह के हुक्म पर अमल हुआ और तामीर शुरु हुई । कुछ ही अरसा में महल ओर सड़क बनकर तैयार हो गया, एक साल के पूरे होते ही बादशाह ने अपने दरबारियों  से कहा अपनी रस्म पूरी करो और मुझे वहां छोड़कर आओ जहां मुझसे पहले बादशाह को छोड़कर आते थे...!!

दरबारियों ने कहां  ! बादशाह सलामत आज से ये रस्म ख़त्म हो गई,   क्युकी हमें एक अक्लमंद बादशाह मिल गया है । वहां तो हम उन बेवकूफ़ों को छोड़कर आते थे जो एक साल की बादशाही के मजे में बाकी की जिंदगी को भूल जाते और अपने लिये कोई इंतजाम न करते !!

लेकिन आप ने अक्लमंदी का मुजाहिरा किया और आगे का खूब बंदोबस्त फरमा लिया..........¤¤¤¤¤

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सबक :-  दोस्तों इस अनोेखे मुल्क का नाम दुनिया है और वो नया बादशाह मैं और आप है और वो जंगल हमारी कब्र है तो आप खुद फैसला कर लीजिए कुछ दिन बाद हमें भी ये दुनिया वाले एक एेसी ही जगह छोड़ आएगे

तो क्या  !! हमनें अक्लमंदी का मुजाहिरा करते हुए वहां अपना महल और बाग तैयार कर लिये है..?  या बेवकूफ बनकर इसी चंद दिनों की जिंदगी के मजे में लगे है  ?

जरा सोचिए..!!  आज हमारे पास जिंदगी में करने के लिए बहोत कुछ है लेकिन एक वक्त ऐसा आयेगा की फिर पछताने की मोहलत भी नहीं मिलेगी...  !!

अल्लाह तआला हम सब को अपनी आख़िरत की तैयारी खूब सच्ची फिक्र करने की हिम्मत और तौफीक अता फरमाये  ।।

आमीन....

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